एंड्रॉइड पर ई-बुक पढ़ना: पूरी शुरुआत
एंड्रॉइड के साथ कोई ई-बुक रीडर नहीं आता। ज़्यादातर उलझन इसी एक तथ्य से निकलती है: आप किताब डाउनलोड करते हैं, फ़ाइल पर टैप करते हैं, और फ़ोन उसे फ़ाइल मैनेजर से खोलने का सुझाव देता है।
छोटा जवाब
छह फ़ॉर्मैट खोलने वाला ऐप लगाइए, किताबें फ़ोन में लाइए, और फ़ाइल को देर तक दबाकर इसके साथ खोलें चुनिए। बाकी सब ब्योरा है।
जो फ़ॉर्मैट मिलेंगे
EPUB, PDF, MOBI, AZW3, FB2, TXT.
हिंदी सामग्री में इनका अनुपात अंग्रेज़ी से अलग है। हिंदी समय और भारतवाणी जैसे स्रोतों से अक्सर PDF मिलता है; विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थानों से भी PDF ही आता है। पुराने संकलनों में सादा TXT मिलता है, और उसके साथ एक अलग तरह की समस्या आती है जो दूसरी भाषाओं में नहीं होती।
फ़ॉर्मैट का अंतर फ़ॉर्मैट गाइड में है।
पहला क़दम: ऐप चुनना
देखने लायक़ बातें ज़्यादा नहीं हैं।
- आपके पास जो फ़ॉर्मैट हैं, वे खुलते हैं या नहीं।
- पढ़ते समय बीच में विज्ञापन आते हैं या नहीं।
- अक्षर का आकार, पंक्ति-अंतर, हाशिये और थीम अलग-अलग सेट हो पाते हैं या नहीं।
- पढ़ी हुई जगह याद रहती है या नहीं।
दूसरा क़दम: किताबें फ़ोन में लाना
- ब्राउज़र से डाउनलोड। फ़ाइल आमतौर पर
Downloadsमें जाती है। - कंप्यूटर से लाना। किताबें ज़्यादा हों तो USB या क्लाउड से।
- OPDS सूची से। ऐप के भीतर से ही, अलग से समझाया गया है।
तीसरा क़दम: पहली किताब खोलना
फ़ाइल मैनेजर में फ़ाइल को देर तक दबाएँ और इसके साथ खोलें चुनें। या रीडर खोलकर आयात करें दबाएँ। इसके बाद किताब लाइब्रेरी में रहती है और पढ़ी हुई जगह अपने आप सहेजी जाती है।
EPUB और PDF अलग बर्ताव करते हैं
EPUB पंक्तियों को स्क्रीन के हिसाब से दोबारा सजाता है। अक्षर बड़ा करने पर पन्ने बढ़ते हैं, सज्जा नहीं बिगड़ती।
PDF पन्ने का लेआउट जस का तस रखता है, इसलिए फ़ोन पर ज़ूम करके इधर-उधर खिसकाना पड़ता है।
अंतर EPUB और PDF की तुलना में है, और उसे कुछ हद तक पार करने का तरीक़ा रीफ़्लो मोड में। हिंदी में यह ख़ास तौर पर काम आता है, क्योंकि उपलब्ध सामग्री का बड़ा हिस्सा PDF में ही है।
बिना इंटरनेट
आयात की गई किताबें डिवाइस पर रहती हैं। मेट्रो में और हवाई जहाज़ में एक जैसी पढ़ी जाती हैं। जिन सुविधाओं को नेटवर्क चाहिए वे गिनी-चुनी हैं: OPDS सूची देखना, शब्दकोश, और क्लाउड बैकअप। पढ़ना उनमें नहीं है।
बुकमार्क, रेखांकन और टिप्पणियाँ
वाक्य को देर तक दबाकर चुनने पर रेखांकन और टिप्पणी जोड़ी जा सकती है, और बुकमार्क पन्ने पर लगता है।
जो जमा होता है उसे बाहर भी निकाला जा सकता है। रेखांकन highlights_किताब का नाम.txt में, बुकमार्क bookmarks_किताब का नाम.txt में, और पूरी लाइब्रेरी की सूची library_20260907.csv जैसी CSV फ़ाइल में निकलती है। पढ़ने का हिसाब अलग रखते हों तो काम आता है।
आँखों पर ज़ोर कम करने वाली सेटिंग्स
डिफ़ॉल्ट मान अक्सर छोटे पड़ते हैं। पंक्ति-अंतर अक्षर-आकार के 1.7 गुना से शुरू कीजिए और हाशिये बढ़ाइए।
देवनागरी को यह और भी ज़्यादा चाहिए, क्योंकि शिरोरेखा के ऊपर की मात्राएँ और नीचे लगने वाले चिह्न पंक्तियों के पास आते ही टकराते दिखने लगते हैं। ब्योरा आरामदेह पढ़ाई में है, और अगर दिया हुआ फ़ॉन्ट पसंद न आए तो अपना फ़ॉन्ट जोड़ा जा सकता है।
पढ़ने के बजाय सुनना
यहाँ पहले ही बता देना ज़रूरी है। पढ़कर सुनाने की सुविधा इस समय हिंदी किताबों पर ठीक से काम नहीं करती।
ऐप आवाज़ चुनते समय सिर्फ़ एक बात जाँचता है: पाठ वियतनामी है या नहीं। नहीं है तो सब कुछ अंग्रेज़ी में चला जाता है। इसलिए देवनागरी को अंग्रेज़ी आवाज़ मिलती है, जो या तो चुपचाप छोड़ देती है या समझ में न आने वाली ध्वनि निकालती है। ऐप में भाषा बदलने की कोई सेटिंग भी नहीं है। समस्या के रूप में दर्ज कर दिया गया है।
स्कैन किए PDF में इसके ऊपर एक और कारण जुड़ जाता है: पढ़ने को अक्षर ही नहीं होते। अलग से समझाया गया है।
DRM सीधे शब्दों में
किसी स्टोर से ख़रीदी किताबें एन्क्रिप्टेड होती हैं और उसी स्टोर के ऐप में खुलती हैं। यह रीडर की कमी नहीं, लाइसेंस की सीमा है।
पुस्तकालय से .acsm फ़ाइल मिली हो तो वह किताब नहीं, Adobe का प्राधिकरण है। नाम बदलने से क्यों कुछ नहीं होता, यह अलग से समझाया गया है।
आम दिक़्क़तें
- अक्षर टूटे दिखते हैं। फ़ाइल शायद ठीक है और एन्कोडिंग ग़लत मानी गई है। हिंदी में इसका एक ख़ास रूप भी है। समाधान।
- फ़ाइल खुलती ही नहीं। DRM, अधूरा डाउनलोड, या असमर्थित फ़ॉर्मैट। पहचानने का तरीक़ा।
- TXT में विषय-सूची ख़ाली है। ऐप सिर्फ़
Chapter 1जैसे अंग्रेज़ी शीर्षक खोजता है, “अध्याय 3” नहीं पकड़ता। - PDF में अक्षर बहुत छोटे हैं। रीफ़्लो मोड आज़माइए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या अलग ई-रीडर डिवाइस चाहिए। नहीं। फ़ोन काफ़ी है। ई-इंक डिवाइस की ख़ूबी उसकी स्क्रीन है, सुविधाएँ नहीं।
ख़रीदी किताब दूसरे ऐप में ले जा सकते हैं। DRM वाली नहीं। बिना DRM वाली फ़ाइल सामान्य फ़ाइल की तरह चलती है।
किताबें कितनी जगह लेती हैं। एक EPUB आम तौर पर एक मेगाबाइट के आसपास। चित्रों वाला PDF कई दसियों मेगाबाइट का हो सकता है।
संयुक्ताक्षर टूटे दिखें तो। वह एन्कोडिंग नहीं, फ़ॉन्ट की कमी है। फ़ॉन्ट बदलिए।
आगे
मुफ़्त और वैध किताबों के स्रोत इस सूची में हैं, और आँखों पर ज़ोर कम करने वाली सेटिंग्स आरामदेह पढ़ाई में।